Budget 2026: शी-मार्ट के जरिए उद्यमी बनेंगी ग्रामीण महिलाएं, मालकिन बनकर लिखेंगी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
Published on: 01 Feb 2026 | Author: Ashutosh Rai
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 ने ग्रामीण महिलाओं में नई उम्मीदें जगाई हैं. बजट में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर (शी-मार्ट्स) स्थापित करने के प्रस्ताव को महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. इसके जरिए अब ग्रामीण महिलाएं केवल ऋण-आधारित आजीविका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपने उद्यमों की मालकिन बनकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखेंगी. यह बजट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मजबूती देता है, जिसके तहत प्रदेश में तीन करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी मुहिम चल रही है.
उत्पादों की बिक्री के लिए मिलेगा मंच
शी-मार्ट सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट होंगे, जिन्हें क्लस्टर-स्तरीय फेडरेशन के अंतर्गत विकसित किया जाएगा. इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए एक संगठित, भरोसेमंद और स्थायी मंच उपलब्ध कराना है. इसके लिए उन्नत और नवाचारी वित्तपोषण साधनों का उपयोग किया जाएगा तथा केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ साझेदारी कर इस पहल को जमीन पर उतारेगी.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद
लखपति दीदी की सफलता को आगे बढ़ाते हुए बजट में महिलाओं को ऋण-आधारित आजीविका से आगे ले जाकर उद्यमों का मालिक बनाने का स्पष्ट रोडमैप पेश किया गया है. महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को बाजार, पूंजी और नेटवर्क तीनों स्तरों पर सहयोग मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है.
सीएम योगी के विजन को मिली मजबूती
इस बजट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को मजबूती मिलेगी, जिसके तहत आगामी वर्षों में प्रदेश में तीन करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की सबसे बड़ी मुहिम चल रही है. योगी सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी के तहत एक वर्ष में एक करोड़ लखपति दीदी तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम हो रहा है.
महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा
कृषि और गैर-कृषि आजीविका की संभावनाओं के अनुसार महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा है. उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत घर-घर संपर्क कर प्रशिक्षण, तत्काल पूंजी सहायता और मार्केट सपोर्ट उपलब्ध कराया जा रहा है. शी-मार्ट के जरिए ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को सीधा बाजार मिलेगा और वे दूसरों को रोजगार देने वाली उद्यमी बन सकेंगी.