किश्तवाड़ में 'ऑपरेशन त्राशी-I' के दौरान एक आतंकी ढेर, सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी
Published on: 04 Feb 2026 | Author: Kanhaiya Kumar Jha
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और उधमपुर जिलों में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के विरुद्ध बड़ी कामयाबी हासिल की है. 'ऑपरेशन त्राशी-I' और 'ऑपरेशन किया' के माध्यम से सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने तीन खूंखार आतंकवादियों को ढेर किया है. जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष कमांडर का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी उपलब्धि है. यह कार्रवाई पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की गई. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और संदिग्ध वन क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चला रही हैं.
किश्तवाड़ के दिछार जंगल में 'ऑपरेशन त्राशी-I' के दौरान एक आतंकवादी मारा गया. बुधवार शाम सेना और पुलिस ने छिपे हुए आतंकियों को घेर लिया. यह चत्रू बेल्ट में पिछले 18 दिनों में पांचवीं मुठभेड़ थी. सुरक्षाबल जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध गुर्गों को खत्म करने के लिए घने जंगलों में तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम रहे. हालांकि, जानकारों का मानना है कि केवल सरकारी बयानों पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी सच्चाई की गहराई से जांच होनी चाहिए.
उधमपुर में 'ऑपरेशन किया' की सफलता
उधमपुर में 'ऑपरेशन किया' के तहत दो पाकिस्तानी आतंकी मारे गए. ये आतंकी बसंतगढ़ की पहाड़ियों में एक गुफा में छिपे थे. बुधवार दोपहर सुरक्षाबलों की कार्रवाई के दौरान वहां तेज धमाके हुए. मारे गए आतंकियों में जैश कमांडर अबू माविया भी शामिल है. सेना ने पेशेवर सटीकता के साथ इस 20 घंटे लंबे अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और आतंकियों के भागने के रास्ते बंद किए. सेना और पुलिस के इस साझा प्रयास ने आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाहों को नष्ट कर दिया है.
हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी
सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं. इनमें एम-4 कार्बाइन, एके राइफलें और गोला-बारूद शामिल हैं. यह सामग्री आतंकियों द्वारा किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के इरादे से छिपाई गई थी. पुलिस और सेना के संयुक्त दल पूरे जोफर वन क्षेत्र में तलाशी ले रहे हैं. बरामद किए गए साक्ष्य जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी नेटवर्क की सक्रियता को पुख्ता करते हैं. अधिकारियों ने इसे सीमा सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा प्रहार बताया है.
जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क पर प्रहार
यह कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ढांचे को नष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण है. कमांडर रुबानी उर्फ अबू माविया वर्षों से इस इलाके में आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा था. वह कठुआ और किश्तवाड़ में सक्रिय उसी समूह का हिस्सा था, जो सुरक्षाबलों पर हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल ने इस खतरनाक मॉड्यूल को खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाई है. पुलिस अब अन्य संदिग्ध सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है.