'भारत के पास कोई वजह नहीं', रूसी तेल को लेकर ट्रंप के दावे को पुतिन सरकार ने बताया बेबुनियाद
Published on: 19 Feb 2026 | Author: Kuldeep Sharma
नई दिल्ली: मॉस्को ने अमेरिका के दावों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि भारत ने रूसी हाइड्रोकार्बन की खरीद रोकने का कोई संकेत नहीं दिया. रूसी प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग में जोर देकर कहा कि नई दिल्ली की नीति पहले जैसी है. भारत का रूसी तेल आयात दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर संतुलन बना रहता है. अमेरिका बार-बार दावा कर रहा है कि भारत ने रूस से तेल खरीद बंद करने का वादा किया है, लेकिन रूस इसे सिरे से नकार रहा है. भारत ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.
रूस ने अमेरिकी दावों को खारिज किया
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि उनके पास ऐसा कोई संकेत नहीं है कि भारत ने अपनी ऊर्जा नीति बदली हो. उन्होंने अमेरिकी नेताओं के बयानों को पुराना और दोहराव वाला बताया. रूस का मानना है कि भारत का रूसी तेल खरीदना वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए फायदेमंद है और इससे स्थिरता बनी रहती है.
अमेरिका के दावे पर सवाल
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद रोकने का वादा किया है. रूस ने इसे स्वतंत्र देशों पर दबाव बनाने की पुरानी आदत करार दिया. मॉस्को का कहना है कि ऐसे बयानों में कोई नयापन नहीं है और ये बेबुनियाद हैं.
भारत की ओर से सावधानी भरा रुख
भारत सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान जारी नहीं किया है. नई दिल्ली का रुख यही रहा है कि ऊर्जा खरीद का फैसला पूरी तरह देश के हित और सबसे बेहतर सौदे के आधार पर लिया जाएगा. रूस से तेल आयात भारत के लिए सस्ता और भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है.
दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापार
रूस और भारत के बीच ऊर्जा व्यापार मजबूत है. रूसी तेल की खरीद से भारत को सस्ती ऊर्जा मिलती है और रूस को स्थिर बाजार. रूस का मानना है कि यह साझेदारी दोनों के लिए फायदेमंद है. अमेरिकी दबाव के बावजूद रूस को उम्मीद है कि भारत अपनी नीति नहीं बदलेगा.