AI की चकाचौंध में दिल्ली ठप, वीवीआईपी रूट से सड़कें जाम की कैद में; घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे लोग
Published on: 19 Feb 2026 | Author: Reepu Kumari
नई दिल्ली: दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की धूम मची हुई है, जहां भारत मंडपम में दुनिया भर के नेता और विशेषज्ञ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य पर मंथन कर रहे हैं. लेकिन बाहर सड़कों पर हालात ठीक उलटे हैं. बुधवार को वीवीआईपी आवागमन के चलते लोधी रोड फ्लाईओवर बंद होने से मूलचंद से आईटीओ तक लंबा जाम लग गया. बारापुल्ला, किदवई नगर और बीआरटी रोड पर वाहनों की कतारें खिंची रहीं. एआई की बात हो रही है, लेकिन शहर की बुनियादी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
समिट की रौनक, शहर की मार
16 से 20 फरवरी तक चल रहे इस बड़े आयोजन में 30 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं. भारत मंडपम में चर्चाएं जोरों पर हैं, लेकिन वीवीआईपी मूवमेंट ने मध्य दिल्ली को जाम की चपेट में ले लिया. बुधवार शाम विशेष प्रतिबंधों से कई प्रमुख मार्ग प्रभावित हुए. लोग कार्यालय, स्कूल और घर पहुंचने में मुश्किल महसूस कर रहे थे. कई जगहों पर दो घंटे से ज्यादा का इंतजार करना पड़ा.
सौरभ भारद्वाज की तीखी टिप्पणी
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि केंद्र को एआई से पहले बुनियादी यातायात प्रबंधन की समझ होनी चाहिए. बुनियादी जानकारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता से ज्यादा जरूरी है. उन्होंने पूछा कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को दिल्ली की क्या तस्वीर दिखाई जा रही है. उनकी पोस्ट ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा और कई लोगों ने अपनी निराशा जताई.
ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी और वैकल्पिक रास्ते
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शाम 4 से रात 10 बजे तक प्रतिबंध लगाए थे. लोधी रोड फ्लाईओवर बंद रहा, जिससे आसपास दबाव बढ़ा. सैन मार्टिन मार्ग, पंचशील मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग, अरबिंदो मार्ग, कमाल अतातुर्क मार्ग जैसे कई वैकल्पिक रूट बताए गए. यात्रियों से पहले से प्लानिंग करने और पुलिस निर्देश मानने की अपील की गई. धैर्य और सहयोग की बात कही गई, लेकिन जाम से राहत कम मिली.
शहरवासियों की चुनौती और आगे का सबक
यह जाम समिट के तीसरे दिन भी जारी रहा. बोर्ड परीक्षाएं, बारिश और शादियों के सीजन ने हालात और बिगाड़े. लोग एयरपोर्ट जाने या रोजमर्रा के कामों में फंस गए. विशेषज्ञ मानते हैं कि बड़े इवेंट्स के लिए बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग जरूरी है. एआई तकनीक का इस्तेमाल जाम नियंत्रण में भी हो सकता है. फिलहाल दिल्लीवासी उम्मीद कर रहे हैं कि समिट सफल हो, लेकिन उनकी जिंदगी पर असर कम पड़े.