आतंकी अब्दुल रहमान हत्याकांड में लिया गया बड़ा एक्शन, सुरक्षा चूक पर सस्पेंड हुए डिप्टी और जिला जेल सुपरिटेंडेंट
Published on: 13 Feb 2026 | Author: Km Jaya
फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद जिले की नीमका जिला जेल के स्पेशल सेल में संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में बड़ी एडमिनिस्ट्रेटिव कार्रवाई की गई है. जेल सुपरिटेंडेंट हरिद्र सिंह और डिप्टी सुपरिटेंडेंट सचिन कुमार को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है. नारनौल जेल सुपरिटेंडेंट संजय बागर को अब फरीदाबाद जिला जेल का एडिशनल चार्ज दिया गया है. इससे पहले, लापरवाही के लिए एक वार्डर और एक हेड वार्डर को भी सस्पेंड किया गया था.
अयोध्या के मिल्कीपुर के रहने वाले 20 वर्षीय अब्दुल रहमान को 5 मार्च 2025 को पाली गांव के पास दो हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था. उस पर राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने का आरोप था. गिरफ्तारी के बाद से वह जिला जेल के स्पेशल सेल में बंद था.
किसने किया हमला?
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह के मुताबिक 8 फरवरी को रात करीब 2:30 बजे जम्मू-कश्मीर के एक अपराधी अरुण चौधरी ने सिक्योरिटी सेल में बंद अब्दुल रहमान पर नुकीले पत्थर से हमला कर दिया. आरोप है कि अरुण चौधरी ने पत्थर से अब्दुल रहमान के सिर पर कई वार करके उसकी हत्या कर दी. दूसरे कैदी शोएब रियाज ने शोर सुना और विरोध करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसे धमकाया.
अन्य कैदियों के घंटी बजाने पर जेल स्टाफ मौके पर पहुंचा. घटना के समय दोनों कैदी जेल के हाई-सिक्योरिटी सेल में बंद थे. इस घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और गंभीर रूप से घायल अब्दुल रहमान को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
क्या लिया गया एक्शन?
10 फरवरी को NIT-3 में ESI मेडिकल कॉलेज में तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया. जांच जारी है और दूसरे अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है. DG जेल आलोक मित्तल ने जेल का दौरा किया और सुरक्षा में चूक मानते हुए सस्पेंड करने का आदेश दिया. इस घटना के बाद जेल प्रशासन के काम करने के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर यह कि पत्थर जेल परिसर में कैसे पहुंचा और तीन गंभीर आरोपियों को एक ही सेल में क्यों रखा गया था. पूरे मामले की डिटेल में जांच चल रही है.