हाईवे पर मचा मौत का तांडव, बेंगलुरु के पास सड़क हादसे में उजड़ गए सात घर
Published on: 13 Feb 2026 | Author: Babli Rautela
बेंगलुरु: कर्नाटक में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार सुबह बेंगलुरु के पास एक दर्दनाक दुर्घटना में 7 लोगों की जान चली गई. यह हादसा होसकोटे के बाहरी इलाके में हुआ, जहां कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं. घटना नेशनल हाईवे पर एम सत्यवारा गांव के पास हुई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक दूसरे व्यक्ति ने दम तोड़ दिया.
कर्नाटक पुलिस के अनुसार हादसे में एक मोटरसाइकिल, एक कार, एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल और एक कैंटर ट्रक शामिल थे. बताया जा रहा है कि एसयूवी होसकोटे से देवनहल्ली की ओर जा रही थी. इसी दौरान ड्राइवर ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और सामने चल रही मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी. अचानक हुई इस टक्कर से हाईवे पर अफरा तफरी मच गई. स्थिति संभल पाती उससे पहले एक कैंटर ट्रक भी दुर्घटना में शामिल हो गया. पुलिस ने बताया कि एसयूवी में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं मोटरसाइकिल सवार की भी जान चली गई.
मृतकों की पहचान अभी बाकी
अधिकारियों के अनुसार मृतकों की पहचान अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं हो पाई है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वे बेंगलुरु के कोथनूर इलाके के रहने वाले हो सकते हैं. सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए होसकोटे सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हादसे के पीछे लापरवाही, तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी की जांच की जा रही है.
चिंता की बात यह है कि एक हफ्ते से भी कम समय में यह कर्नाटक का तीसरा बड़ा सड़क हादसा है. रविवार को बीदर जिले के हुमनाबाद तालुक में नागन्ना क्रॉस के पास एक मोटरसाइकिल पुल से टकरा गई थी. इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान वेंकट करतमल, उनकी पत्नी शिल्पा और बेटी रक्षिता के रूप में हुई थी. उनका बेटा दिगंबर घायल हो गया था और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
इसी दिन कोलार जिले के श्रीनिवासपुर में एक और हादसा हुआ था. वहां एक कार पलटने से तीन मजदूरों की मौत हो गई थी. मृतकों में से दो की पहचान मुनियाम्मा और वेंकटप्पा के रूप में हुई थी, जो आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे.
सड़क सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रहे हादसों ने राज्य में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, लापरवाही और नियमों की अनदेखी ऐसी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही है. हाईवे पर बढ़ती ट्रैफिक और भारी वाहनों की आवाजाही भी जोखिम को बढ़ा रही है. ऐसे में सख्त निगरानी और जागरूकता अभियान की जरूरत महसूस की जा रही है.