अयोध्या में सरयू नदी से मिला बस्ती के SI अजय गौड़ का शव, 5 फरवरी से थे गायब; पुलिस में मचा हड़कंप
Published on: 08 Feb 2026 | Author: Sagar Bhardwaj
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में रविवार शाम को सरयू नदी में एक पुलिस उप निरीक्षक का शव उतराता मिला. पुलिसकर्मी की पहचान बस्ती जिले के परशुरामपुर थाने में प्रभारी थानाध्यक्ष के तौर पर तैनात एसआई अजय कुमार गौड़ के रूप में हुई है. गौड़ 5 फरवरी से लापता थे. तीन दिन बाद उनका शव मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
नाविकों ने शव देखकर पुलिस को दी सूचना
मिली जानकारी के मुताबिक, नयाघाट के पास दशरथ समाधि स्थल और निर्माणाधीन हाईवे के नजदीक नाविकों ने नदी में शव देखा. उन्होंने तुरंत अयोध्या कोतवाली और जल पुलिस को सूचना दी. सूचना पाकर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर शव को तिहुरा माझा इलाके से बाहर निकाला. वर्दी पहने होने से शव की पहचान आसानी से हो गई. पुलिस ने बस्ती जिले को भी इसकी सूचना दी.
थाना परसरामपुर में नियुक्त SI श्री अजय गौड़ के गुमशुदा होने के संबंध में गुमशुदगी दर्ज कर तलाश हेतु टीमें गठित कर तलाश किया जा रहा था, इसी क्रम में उनका शव रामपुर हलवारा माझा के पास नदी से बरामद हुआ है,शव को कब्जे में लेकर की जा रही विधिक कार्यवाही के संबंध में ASP बस्ती की बाइट- pic.twitter.com/ahEGDzUAMk
— BASTI POLICE (@bastipolice) February 8, 2026
देवरिया के रहने वाले थे गौड़
सूचना पाकर एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, कोतवाल पंकज सिंह और दर्शन नगर चौकी इंचार्ज बृजभूषण पाठक समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की. एसपी ने बताया कि अजय गौड़ 2015 बैच के उप निरीक्षक थे और मूल रूप से देवरिया जिले के रहने वाले थे.
सुसाइड या हत्या
उन्होंने बताया कि वह बस्ती में किराए के मकान में परिवार के साथ रहते थे और लापता होने के बाद उनकी मोटरसाइकिल बस्ती के अमहट घाट पर मिली थी. इससे संदेह गहरा गया था कि वे नदी की ओर गए होंगे. एसपी सिटी ने बताया कि घटनास्थल को लेकर अभी संदेह है. यदि बस्ती जिले की सीमा में शव मिला होगा तो वहांकी पुलिस अग्रिम कार्रवाई करेगी वरना जिले की पुलिस पोस्टमार्टम और पंचनामा की कार्रवाई के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है. वहीं एसआई गौड़ की मौत से उनका परिवार बुरी तरह टूट चुका है. साथी पुलिस अधिकारियों द्वारा उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया जा रहा है.