पवित्र चांद दिखने के साथ यूएई, सऊदी अरब, ओमान में शुरू हुआ रमजान, भारत में कब से शुरू होंगे रोजे?
Published on: 18 Feb 2026 | Author: Sagar Bhardwaj
बुधवार शाम को भारत में अर्धचंद्राकार का चंद्रमा देखा गया जो गुरुवार से इस्लामिक महीने रमजान की शुरुआत को दर्शाता है. दिल्ली की जामा मस्जिद और फतेहपुर मस्जिद की चांद देखने वाली कमेटियों ने इसकी पुष्टि की. अर्ध चंद्र का दिखना इस्लामी चंद्र कैलेंडर के नौवें महीने रमजान की शुरुआत का प्रतीक है.
गुरुवार से शुरू होगा रोजा
फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलान मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने पुष्टि की कि दिल्ली में चांद दिखाई दिया और गुरुवार से रोजा शुरू होगा. वहीं जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम सैयद शबान बुखारी ने भी चांद दिखने की पुष्टि की है. वहीं बिहार, झारखंड और ओडिशा में धार्मिक मामलों की देखरेख करने वाले दारुल काजा इमारत शरिया के बयान में कहा गया है कि बिहार के कुछ हिस्सों में चांद देखा गया.
बता दें कि भारत में रमजान का महीना आम तौर पर मध्य पूर्व और पश्चिम देशों के एक दिन बाद शुरू होता है क्योंकि चांद दिखने में अंतर होता है. सऊदी अरब, मध्य पूर्व और यूरोप के मुसलमानों के लिए मंगलवार को चांद दिखाई दिया और रमजान का पहला दिन बुधवार से शुरू हुआ. ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में भी रमजान का पहला दिन बुधवार से ही शुरू हो गया.
रमजान में रोजा रखना कितना अहम
रमजान के महीने में रोजा रखना इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है जिसके तहत मुसलमानों को दिन के समय खाने, पीने, धूम्रपान करने और यौन संबंधों से परहेज करना होता है. इसके अलावा रोजा रखने वाले मुसलमानों को गरीबों के दान (जकात) देने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है.
इस महीने के दौरान मस्जिदों में शाम को तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाती है. तरावीह की नमाज में पूरा कुरान पढ़ा जाता है जो ईद का चांद दिखने तक जारी रहती है.