Union Budget 2026: गाड़ी नहीं बनेगी बोझ, बजट 2026 में राहत का ईंधन; बायोगैस मिली CNG होगी सस्ती
Published on: 01 Feb 2026 | Author: Reepu Kumari
नई दिल्ली: जो लोग गाड़ी बाहर निकलने से पहले अपनी जेब टटोलते हैं उनके लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार के बजट 2026 ने आम लोगों को राहत देने वाला एक अहम कदम उठाया है. इस बार बजट में बायोगैस से बनी सीएनजी को टैक्स के मोर्चे पर बड़ी छूट दी गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए साफ किया कि बायोगैस मिक्स सीएनजी पर अब अतिरिक्त टैक्स का बोझ नहीं पड़ेगा. इससे ईंधन की कीमत घटेगी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी मदद मिलेगी.
क्या बदला है नए बजट में
बजट 2026 के तहत बायोगैस मिक्स सीएनजी पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी की गणना का तरीका बदला गया है. अब एक्साइज ड्यूटी निकालते समय बायोगैस के पूरे मूल्य को बाहर रखा जाएगा. पहले बायोगैस का हिस्सा भी टैक्स कैलकुलेशन में जुड़ जाता था, जिससे कीमत बढ़ जाती थी. इस बदलाव के बाद टैक्स का सीधा असर कम होगा और सीएनजी की कीमत में राहत देखने को मिलेगी.
बायोगैस और सीएनजी का कनेक्शन
बायोगैस खेतों में बची पराली, फसल के अवशेष और शहरों के कूड़े से तैयार की जाती है. इसी बायोगैस को रेगुलर सीएनजी में मिलाकर कम कार्बन वाला ईंधन बनाया जाता है. सरकार इसे क्लीन एनर्जी का अहम हिस्सा मानती है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी ऐसे ईंधन की मांग बढ़ रही है, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है.
पुराने नियमों में क्या दिक्कत थी
पहले नियमों के तहत बायोगैस को आंशिक राहत जरूर मिलती थी, लेकिन पूरी छूट नहीं थी. साल 2023 में सिर्फ बायोगैस पर लगे जीएसटी को एक्साइज ड्यूटी से घटाया जाता था. इसके बावजूद बायोगैस वाले हिस्से पर टैक्स बना रहता था. रेगुलर सीएनजी पर लगभग 14 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगती थी, जिससे कीमत पर दोहरा असर पड़ता था.
नई नीति से आम लोगों को फायदा
नई घोषणा के बाद बायोगैस के पूरे मूल्य पर एक्साइज ड्यूटी खत्म हो जाएगी. इससे प्रति किलो सीएनजी की कीमत कुछ रुपये तक कम हो सकती है. इसका सीधा फायदा कार, ऑटो और ट्रक चलाने वालों को मिलेगा. खास तौर पर कमर्शियल वाहन ऑपरेटरों के लिए यह डीजल का सस्ता विकल्प बनेगा. साथ ही, इससे तेल आयात पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिलेगी.