मणिपुर में एक साल बाद राष्ट्रपति शासन खत्म, बीजेपी के वाई खेमचंद सिंह शाम को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
Published on: 04 Feb 2026 | Author: Kuldeep Sharma
मणिपुर में लंबे समय के बाद राजनीतिक स्थिरता की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने राष्ट्रपति शासन खत्म करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके तुरंत बाद NDA विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता भी साफ हो गया. बुधवार शाम लोक भवन में उनका शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. नई सरकार से राज्य में शांति, विकास और प्रशासनिक स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है.
राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना जारी
बुधवार को गृह मंत्रालय ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन तत्काल प्रभाव से हटाने का नोटिफिकेशन जारी किया है. राज्य में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था. यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब एनडीए ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. इस अधिसूचना के साथ ही राज्य में लोकतांत्रिक सरकार की वापसी का रास्ता भी खुल गया है.
वाई खेमचंद सिंह बनेंगे राज्य के मुख्यमंत्री
राष्ट्रपति शासन हटने के साथ ही एनडीए विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह बुधवार शाम 6 बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. बीजेपी मणिपुर ने अपने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक जानकारी दी है. शपथ ग्रहण समारोह राजधानी इंफाल स्थित लोक भवन में किया जाएगा, जहां सुबह से ही तैयारियां चल रही हैं. पार्टी ने उनके नेतृत्व को अनुभवी और दूरदर्शी बताया है.
Ministry of Home Affairs today issued a notification announcing the revocation of President’s Rule in Manipur with immediate effect. pic.twitter.com/GZNE61aeAW
— ANI (@ANI) February 4, 2026
राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा किया पेश
सरकार बनाने से पहले वाई खेमचंद सिंह के नेतृत्व में एनडीए के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की है. प्रतिनिधिमंडल ने बहुमत का दावा भी पेश किया है. इसमें चुराचांदपुर और फेरजावल जैसे कूकी-जो बहुल इलाकों के दो विधायक भी शामिल रहे, जिसे राजनीतिक रूप से बहुत अहम माना जा रहा है,
पिछली सरकार और आगे की चुनौती
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने फरवरी 2025 में इस्तीफा देकर पद छोड़ दिया था. उनकी सरकार पर मई 2023 से शुरू हुई मैतेई-कूकी हिंसा को संभालने में विफल रहने के आरोप लगे थे. इसके बाद ही राज्य में केंद्र द्वारा राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था. अब नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में भरोसा बहाल करना और स्थायी शांति कायम करना होगी.