लोकसभा में भारी हंगामे की वजह से टला PM मोदी का संबोधन, राहुल ने वीडियो शेयर कर किया ये दावा
Published on: 04 Feb 2026 | Author: Kanhaiya Kumar Jha
नई दिल्ली: लोकतंत्र के मंदिर संसद में बुधवार को एक बार फिर भारी घमासान देखने को मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देना था, लेकिन विपक्ष के जबरदस्त विरोध और हंगामे के चलते उनका भाषण नहीं हो सका. सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. इस बीच, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और संसद परिसर में प्रधानमंत्री पर तीखे हमले किए, जिससे राजनीतिक पारा और चढ़ गया है.
संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे. सुबह 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने स्थिति को देखते हुए सदन 12 बजे तक स्थगित कर दिया. इसके बाद भी हंगामा थमा नहीं और दोपहर दो बजे विपक्षी सदस्य बैनर लेकर आसन के सामने आ गए. शाम पांच बजे पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने फिर से कार्यवाही शुरू की, लेकिन शोर-शराबे के बीच कोई कामकाज नहीं हो सका. विपक्षी सदस्यों ने आसन के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया.
राहुल गांधी का पीएम मोदी पर कड़ा प्रहार
प्रधानमंत्री का संबोधन टलने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा कर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री संसद में आने से डर रहे हैं क्योंकि वे सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते. राहुल के अनुसार, उन्होंने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि पीएम नहीं आएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है, जो कि लोकतंत्र और देश की जनता के लिए ठीक नहीं है.
जनरल नरवणे की किताब पर विवाद
विवाद की मुख्य जड़ पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब 'फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी' है. राहुल गांधी इस किताब की एक प्रति लेकर संसद पहुंचे थे. उन्होंने दावा किया कि सरकार इस किताब के अस्तित्व को नकार रही है, जबकि यह विदेश में प्रकाशित हो चुकी है. राहुल ने कहा कि वे यह पुस्तक प्रधानमंत्री को भेंट करना चाहते थे ताकि उसमें लिखी बातों पर सदन में चर्चा की जा सके, लेकिन उन्हें संसद के भीतर इसके अंश उद्धृत करने से स्पष्ट रूप से रोका गया.
'जो उचित लगे वो करो' वाला विवादित उद्धरण
राहुल गांधी ने दावा किया कि जनरल नरवणे की पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण लाइन लिखी है, जिसमें कथित तौर पर 'जो उचित समझो, वो करो' कहा गया है. विपक्षी सांसदों का आरोप है कि इस किताब के उद्धरणों पर चर्चा करने से रोकने के लिए ही पिछले तीन दिनों से सदन की कार्यवाही में बाधा डाली जा रही है. इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर राहुल गांधी को सदन के भीतर बोलने न देने का सीधा आरोप लगाया है.