बलूच विद्रोहियों के पाकिस्तान पर हमले से क्यों डरा चीन? शहबाज सरकार के आगे रख दी ये शर्त
Published on: 04 Feb 2026 | Author: Shanu Sharma
नई दिल्ली: बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान के कई प्रांतों को निशाना बनाया है. बीएलए द्वारा 31 जनवरी से पाकिस्तानियों सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ ऑपरेशन हेरोफ चलाया जा रहा है. इस ऑपरेशन में कई आर्मी कैंपों और सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाया गया. हालांकि बलूचिस्तानियों के इस आक्रमक रूप से अब चीन भी टेंशन में है.
बलूचिस्तान द्वारा किए जा रहे इस ऑपरेशन में अबतक लगभग 400 लोगों के मारे जाने की खबर मिल रही है. चीन की चींता इसलिए बढ़ गई है क्योंकि अभी के वक्त में ड्रैगन ग्वादर और बलूचिस्तान में अपने कई प्रोजेक्ट चला रहा है और इसके लिए चीनी कर्मचारी काम कर रहे हैं.
क्यों टेंशन में आया चीन?
पाकिस्तान और बलूचिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चीन इसलिए परेशान क्योंकि उसे डर है कि उसके कर्मचारी कहीं इस विरोध का निशाना ना बन जाए. ऐसे में अपने लोगों के लिए चीन ने पाकिस्तान के आगे सुरक्षा गारंटी की शर्त रखी है. रिपोर्ट की मानें तो बलूचिस्तान के कई हिस्सों में चलाया जा रहा चीनी प्रोजेक्ट को अभी के लिए रोक दिया गया है.
साथ ही चीन ने कई जगहों से अपने ऑन-ग्राउंड स्टाफ को बाहर भी निकाल लिया है. इन्हें निकालने के लिए कई विशेष उड़ान चलाए गए. इन चीनी कर्मचारियों को अभी इस्लामाबाद और अन्य सुरक्षित शहरों में रखा गया है. पाकिस्तान में मौजूद चीनी राजदूत जियांग जैडोंग ने इस्लामाबाद में विदेश मंत्री के साथ अपने लोगों की सुरक्षा को लेकर बैठक की है. उन्होंने अपने देश के लोगों के लिए पक्के सुरक्षा इंतजामों पर जोर देने के लिए है.
पाकिस्तानी मंत्री ने दिलाया सुरक्षा का भरोसा
चीन के इस टेशन पर पाकिस्तान ने विदेश मंत्री ने सुरक्षा का भरोसा दिलाया है. हालांकि अभी चीन अपने काम पर वापस लौटने के लिए तैयार नहीं है. बलूचिस्तान के लड़ाके पाकिस्तान के कई इलाकों में लगातार हमले कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर हर अपडेट डाले जा रहे हैं और बार-बार पाकिस्तान सरकार को यह चेतावनी दी जा रही है कि वह इस बार अपने कदम पीछे नहीं लेने वाले हैं. इस बार बलूचिस्तान की ओर से कुछ महिलाएं भी मैदान-ए-जंग में कूद चुकी हैं. वहीं दूसरी ओर आर्थिक तंगी में जूझ रहा पाकिस्तान को इस विद्रोह के कारण भी काफी नुकसान उठाने पड़ रहे हैं.