ट्रेन में तय स्टेशन से सीट नहीं पकड़ने वालों के लिए बुरी खबर, खाली सीट तुरंत होगी अलॉट; TTE को मिलेगी बड़ी पॉवर
Published on: 04 Feb 2026 | Author: Reepu Kumari
नई दिल्ली: अगर आप भी हर दिन ट्रेन से सफर करते हैं तो यह आपके लिए बड़ी खबर है. भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और सीटों के बेहतर उपयोग के लिए लगातार नियमों में बदलाव कर रहा है. इसी कड़ी में अब ट्रेन की बोर्डिंग व्यवस्था को और सख्त व तकनीकी बनाया जा रहा है. इस बदलाव का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो तय स्टेशन से ट्रेन में सवार नहीं होते.
नए नियम के अनुसार अब तक टीटीई यात्रियों का अगले स्टेशन तक इंतजार करते थे, लेकिन नई व्यवस्था में यह प्रक्रिया खत्म होने जा रही है. रेलवे बोर्ड ने इसके लिए सॉफ्टवेयर बदलाव के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे सीट आवंटन और तेज और पारदर्शी हो सकेगा.
अब तुरंत दर्ज होगा नॉट टर्नअप
नए नियम के लागू होने के बाद जैसे ही टीटीई को जांच के दौरान यह पता चलेगा कि यात्री तय बोर्डिंग स्टेशन पर नहीं आया है, वह तुरंत अपने ईएफटी में उस सीट को नॉट टर्नअप दर्ज कर देगा. इसके लिए अगले स्टेशन तक इंतजार नहीं किया जाएगा. इससे ट्रेन में खाली सीट की स्थिति तुरंत सिस्टम में अपडेट हो जाएगी और देरी की समस्या खत्म होगी.
वेटिंग और आरएसी यात्रियों को सीधा फायदा
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा वेटिंग और आरएसी टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों को मिलेगा. जैसे ही सीट खाली घोषित होगी, सिस्टम अपने आप पात्र यात्री को सीट आवंटित कर देगा. सीट मिलने की सूचना सीधे यात्री के मोबाइल पर भेजी जाएगी. इससे यात्रियों को सफर के दौरान अनिश्चितता से राहत मिलेगी.
रेलवे सॉफ्टवेयर में किया जा रहा बदलाव
रेल मंत्रालय इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए सॉफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन कर रहा है. रेलवे बोर्ड ने क्रिस को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं. उद्देश्य यह है कि सीट प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल और रियल टाइम हो, ताकि हर सीट का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और मानवीय देरी कम हो.
हर ट्रेन में रहते हैं नॉट टर्नअप यात्री
आंकड़ों के अनुसार लगभग हर ट्रेन में तीन से पांच फीसदी यात्री किसी न किसी कारण से यात्रा नहीं करते. कुछ यात्री बोर्डिंग स्टेशन नहीं बदलते और दूसरे स्टेशन से चढ़ने की कोशिश करते हैं. रेलवे स्पष्ट कर चुका है कि चार्ट बनने से 24 घंटे पहले तक ही बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा मिलेगी.
रेलवे का मानना, व्यवस्था होगी ज्यादा प्रभावी
पूर्वोत्तर रेलवे के पूर्व मुख्य परिचालन प्रबंधक राकेश त्रिपाठी के अनुसार यह तकनीकी बदलाव रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम है. इससे न सिर्फ खाली सीटों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि यात्रियों को समय पर सीट मिलने से यात्रा अनुभव भी सुधरेगा और ट्रेन संचालन अधिक प्रभावी बनेगा.