दुबई से सोना लाकर करोड़पति बनने का देख रहे हैं सपना तो पहले ये पढ़ लीजिए, वरना मुनाफे की जगह लगेगा झटका
Published on: 18 Feb 2026 | Author: Kuldeep Sharma
दुबई को सोने का बाजार माना जाता है और कई भारतीय वहां से गहने या बार खरीदकर लाते हैं. दुबई में कोई इंपोर्ट ड्यूटी या जीएसटी नहीं लगता, इसलिए सोना भारत से काफी सस्ता पड़ता है. कीमतों में 5 से 7 फीसदी तक का फर्क रहता है. कई लोग सोचते हैं कि दुबई से खरीदकर भारत में बेच दें तो अच्छा मुनफा होगा.
लेकिन हकीकत में नियम बहुत सख्त हैं. कस्टम ड्यूटी, जीएसटी और मुद्रा बदलने का खर्च मिलाकर फायदा बहुत कम रह जाता है या नुकसान भी हो सकता है. नए बैगेज नियम 2026 के तहत ड्यूटी-फ्री छूट भी सीमित है. अगर आप भी ऐसा प्लान बना रहे हैं तो पहले पूरी जानकारी जरूर लें.
ड्यूटी-फ्री सोना कितना ला सकते हैं
2026 के नए बैगेज नियमों के मुताबिक, अगर कोई भारतीय पुरुष एक साल से ज्यादा समय विदेश में रहा हो तो वह 20 ग्राम तक सोने के गहने बिना ड्यूटी के ला सकता है. महिला के लिए यह सीमा 40 ग्राम है. यह छूट सिर्फ गहनों पर लागू होती है. गोल्ड बार या सिक्कों पर कोई ड्यूटी-फ्री छूट नहीं मिलती.
ज्यादा सोना लाने पर भारी टैक्स
लिमिट से ज्यादा सोना लाने पर कस्टम ड्यूटी 3 से 10 प्रतिशत तक लग सकती है. अगर 6 महीने से ज्यादा विदेश में रहे हों तो गोल्ड बार या सिक्कों पर 6 प्रतिशत की रियायती ड्यूटी लागू होती है. कम समय के यात्रियों पर 36 से 38.5 प्रतिशत तक ड्यूटी लगती है. भारत में बेचने पर 3 प्रतिशत जीएसटी अलग से देना पड़ता है.
अन्य खर्चे जो मुनाफा घटाते हैं
दुबई में खरीदारी के बाद एईडी को रुपये में बदलने का फॉरेक्स चार्ज लगता है. इसके अलावा यात्रा खर्च, होटल और अन्य खर्चे जुड़ जाते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इन सबके बाद मार्जिन इतना कम रह जाता है कि मुनाफा नाममात्र का या शून्य हो जाता है. कई बार नुकसान भी हो सकता है.
सावधानी बरतें और सोच-समझकर फैसला लें
दुबई से सोना लाकर बेचने का खेल आसान नहीं है. नियमों की जानकारी न होने से जुर्माना या सामान जब्त होने का खतरा रहता है. बेहतर है कि कानूनी तरीके से ही सोना खरीदें. अगर निवेश का इरादा है तो बैंक या अधिकृत विक्रेताओं से खरीदना सुरक्षित और फायदेमंद होता है.