'सनातन ही वो जवाब जो दुनिया तलाश रही', एपस्टीन फाइलों से परेशान हुईं कंगना रनौत, सोसाइटी पर फूटा गुस्सा
Published on: 04 Feb 2026 | Author: Babli Rautela
मुंबई: हॉलीवुड और राजनीति की दुनिया से जुड़े कई बड़े नामों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई जेफरी एपस्टीन फाइलों ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है. इन्हीं फाइलों को पढ़ने के बाद एक्ट्रेस और पॉलिटिशियन कंगना ने अपनी गहरी नाराजगी और चिंता जाहिर की है. इन फाइलों में करोड़ों पन्नों के दस्तावेज, हजारों वीडियो और लाखों तस्वीरें शामिल हैं. इनमें पावर और फेम से जुड़े ऐसे चेहरे सामने आए हैं, जिनके बारे में आम लोग कभी सोच भी नहीं सकते थे. कंगना ने कहा कि इन खुलासों ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया है.
कंगना रनौत ने मंगलवार शाम अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए इस मुद्दे पर खुलकर बात की. उन्होंने लिखा कि एपस्टीन फाइलों के बारे में पढ़ना और देखना बेहद परेशान करने वाला अनुभव रहा. उनके मुताबिक अपराध हर जगह होते हैं, लेकिन यहां जो सामने आया है वह किसी हाई सोसाइटी के चलन जैसा लगता है. कंगना ने यह भी कहा कि यह सब किसी भयानक और शैतानी धर्म जैसा प्रतीत होता है, जहां ताकतवर लोग कमजोर और बेसहारा युवतियों और बच्चों को नुकसान पहुंचाने में जरा भी नहीं हिचकिचाते.
हाई प्रोफाइल नामों पर सवाल कंगना ने उठाया सवाल
कंगना ने अपने बयान में रॉकस्टार, सिंगर, मूवी स्टार, पॉलिटिशियन, मॉडल और डायरेक्टर जैसे नामों का जिक्र किया. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों को हम आदर्श मानते हुए बड़े हुए, वे इस तरह के अपराधों में कैसे शामिल हो सकते हैं. उनका कहना था कि यह सिर्फ कानून का मामला नहीं, बल्कि नैतिक पतन का उदाहरण है. पावर और फेम जब इंसान को अंधा कर देता है, तब ऐसे डरावने सच सामने आते हैं.
एपस्टीन फाइलों को लेकर कंगना ने भविष्य और मानवता के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इन रिपोर्ट्स को पढ़ने के बाद वह खुद को बेहद दुखी और निराश महसूस कर रही हैं. कंगना के मुताबिक यह सब देखकर यह समझ में आता है कि दुनिया किस दिशा में जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे खुलासे इंसान को अंदर से तोड़ देते हैं और भरोसे को हिला देते हैं.
प्राचीन कथाओं का किया जिक्र
कंगना रनौत ने अपनी प्रतिक्रिया को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ा. उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और सनातन मूल्य ही वह जवाब हैं, जिसकी आज की दुनिया तलाश कर रही है. उनका मानना है कि शरीर से परे जो शाश्वत है, वही इंसान को सही रास्ता दिखा सकता है. कंगना ने प्राचीन कथाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देवता और राक्षस की कहानियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं.
कंगना ने कहा कि इन कथाओं में बताया गया है कि एक समय राक्षस हावी होते हैं, लेकिन अंत में देवता उठ खड़े होते हैं. उन्होंने लोगों से यह सवाल भी किया कि आप किस तरफ खड़े हैं. उनकी इस टिप्पणी को कई लोग सामाजिक चेतावनी के रूप में देख रहे हैं. सोशल मीडिया पर कंगना के बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग अपनी अपनी राय रख रहे हैं.