'सोशल मीडिया की अफवाहों पर न दें ध्यान', 10वीं-12वीं की परीक्षा से पहले CBSE की कड़ी चेतावनी; कहा- केवल आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा
Published on: 16 Feb 2026 | Author: Kanhaiya Kumar Jha
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी, 2026 से शुरू होने वाली हैं. परीक्षा की पूर्व संध्या पर 16 फरवरी को बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी कर छात्रों, स्कूलों और अभिभावकों को सतर्क रहने को कहा है. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर पेपर लीक और फर्जी प्रश्नपत्रों के दावों से छात्रों की मानसिक सेहत और तैयारी पर बुरा असर पड़ सकता है. बोर्ड ने अफवाहों से दूर रहने का आग्रह किया है.
बोर्ड ने गौर किया है कि पिछले वर्षों में कुछ तत्वों ने सोशल मीडिया के माध्यम से गलत जानकारी फैलाकर छात्रों को गुमराह किया था. इसमें 10वीं और 12वीं के प्रश्नपत्र लीक होने के झूठे दावे और नकली पेपर्स का प्रसार शामिल था. बोर्ड ने सभी हितधारकों को सलाह दी है कि वे किसी भी असत्यापित खबर या फर्जी कंटेंट का हिस्सा न बनें. ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास करना या उन्हें आगे बढ़ाना छात्रों के बीच अनावश्यक तनाव और चिंता पैदा करता है.
अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्यवाही
सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने या अफवाह फैलाने की किसी भी कोशिश से विधिक नियमों के तहत सख्ती से निपटा जाएगा. बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि परीक्षाओं को सुचारू, सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया गया है. किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. बोर्ड ने परीक्षार्थियों से अपनी मेहनत पर भरोसा रखने और अफवाहों को नजरअंदाज करने का आह्वान किया है.
केवल आधिकारिक माध्यमों पर करें भरोसा
सटीक और विश्वसनीय जानकारी के लिए बोर्ड ने केवल आधिकारिक चैनलों पर निर्भर रहने की सलाह दी है. छात्र और अभिभावक किसी भी भ्रम की स्थिति में सीबीएसई की मुख्य वेबसाइट https://www.cbse.gov.in देख सकते हैं. इसके अलावा, नई दिल्ली स्थित मुख्यालय या संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों से संपर्क कर सही जानकारी प्राप्त की जा सकती है. बोर्ड ने पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी प्रभार और जिम्मेदारियां अधिकारियों को सौंपी हैं ताकि परीक्षा के दौरान कोई भ्रम न रहे.
विशेषज्ञों की छात्रों और अभिभावकों को सलाह
बोर्ड की एडवाइजरी में विशेषज्ञों ने अभिभावकों और स्कूलों से अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया है. बोर्ड का मानना है कि केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान केंद्रित करने से न केवल फर्जी खबरों को रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा. छात्रों को प्रोत्साहित किया गया है कि वे निराधार अफवाहों के बारे में चिंता करने के बजाय केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें. सही मार्गदर्शन ही इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है.