रेल की पटरी को चारपाई समझकर सो गया शराबी, वीडियो में देखें कैसे रोक ली मुंबई लोकल की रफ्तार?
Published on: 16 Feb 2026 | Author: Anuj
नई दिल्ली: सोमवार दोपहर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर एक हैरान करने वाली घटना सामने आई, जब एक व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर लेट गया. अधिकारियों के अनुसार, वह शराब के नशे में धुत था और प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास पटरियों के बीच सफेद कपड़ा ओढ़कर लेटा मिला. इस वजह से उपनगरीय लोकल सेवाओं में कुछ देर के लिए बाधा आई, हालांकि बड़ी दुर्घटना टल गई.
सूत्रों के मुताबिक, दोपहर 3 बजकर 28 मिनट पर पनवेल-सीएसएमटी लोकल स्टेशन की ओर बढ़ रही थी. मोटरमैन की नजर ट्रैक पर लेटे व्यक्ति पर पड़ी, जिसके बाद ट्रेन की रफ्तार तुरंत कम की गई और समय रहते रोक दी गई. करीब 3 बजे रेलवे कर्मचारियों को प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास ट्रैक पर एक व्यक्ति पड़े होने की जानकारी मिली. प्रारंभिक जांच में वह नशे की हालत में प्रतीत हुआ.
Top of the world! Drunk man sleeps on track at the city's biggest rail terminus at Mumbai CSMT, holds up local train on harbour line. pic.twitter.com/e3mPuJGu5B
— Rajendra B. Aklekar (@rajtoday) February 16, 2026
लोकल सेवाएं प्रभावित हुई
ट्रेन को अचानक रोकने से कुछ समय के लिए लोकल सेवाएं प्रभावित हुई. हालांकि, अधिकारियों ने तुरंत स्थिति संभाली और अन्य ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित किया. रेलवे स्टाफ ने व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से पटरियों से हटाया. इसके बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से बहाल कर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि मामले में रेलवे एक्ट की धारा 147 के तहत केस दर्ज किया जा रहा है. इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
ऐसी घटनाओं पर रोक कैसे लगेगी?
रेलवे स्टेशनों पर नशे में धुत लोगों की मौजूदगी यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. ऐसी घटनाओं को रोकने और सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए निम्नलिखित ठोस कदम उठाए जाने चाहिए. एक्सपर्ट के अनुसार, स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर रेलवे पुलिस (RPF) और GRP की नियमित गश्त बढ़ाई जानी चाहिए.
सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए
भीड़भाड़ वाले समय में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाए. उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए और कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी हो. संदिग्ध गतिविधि दिखते ही तुरंत हस्तक्षेप किया जाए. स्टेशन परिसर में नशे की हालत में पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो. ब्रेथ एनालाइजर जांच की व्यवस्था भी संवेदनशील स्टेशनों पर की जा सकती है. रेलवे एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत जुर्माना और गिरफ्तारी की कार्रवाई हो. बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी सजा दी जाए.