'200% टैरिफ लगा दूंगा...', ट्रंप ने फिर लिया भारत-पाक युद्ध रुकवाने का क्रेडिट; कहा- PM मोदी को डायरेक्ट किया था फोन
Published on: 19 Feb 2026 | Author: Anuj
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध टलवाने का श्रेय खुद को दिया है. उन्होंने दावा किया कि उनकी पहल और दबाव के कारण दोनों देशों ने संघर्ष रोक दिया, जिससे लगभग 2.5 करोड़ लोगों की जान बच गई. ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी देकर दोनों देशों को युद्धविराम के लिए राजी किया.
वॉशिंगटन डी.सी. में आयोजित 'बोर्ड ऑफ पीस' शिखर सम्मेलन में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उस समय भारत-पाक तनाव चरम पर था और हालात युद्ध जैसे हो गए थे. उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच लड़ाकू विमान गिराए जा रहे थे और स्थिति तेजी से बिगड़ रही थी. ट्रंप ने बताया कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से सीधे फोन पर बात की थी.
200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी
ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने दोनों नेताओं से कहा कि यदि वे आपसी विवाद शांतिपूर्ण तरीके से नहीं सुलझाते, तो अमेरिका उनके साथ व्यापारिक समझौते नहीं करेगा. उन्होंने आगे दावा किया कि उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर युद्ध जारी रहा तो अमेरिका दोनों देशों पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकता है. ट्रंप ने कहा कि आर्थिक नुकसान की आशंका देखते ही दोनों देश संघर्ष रोकने के लिए तैयार हो गए.
'11 लड़ाकू विमान गिराए गए'
अपने बयान में ट्रंप ने यह भी कहा कि उस समय 11 लड़ाकू विमान गिराए गए थे, जिन्हें उन्होंने 'बहुत महंगे जेट' बताया. हालांकि, उन्होंने इन विमानों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. उनके अनुसार, स्थिति बेहद गंभीर थी और किसी भी समय बड़े युद्ध में बदल सकती थी, लेकिन समय पर हस्तक्षेप से टकराव टल गया.
राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा
ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनके स्टाफ के सामने माना कि ट्रंप की भूमिका से भारत-पाक युद्ध रुक पाया और लाखों लोगों की जान बची. ट्रंप ने दोहराया कि वे प्रधानमंत्री मोदी को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और उनके साथ सीधे संवाद के कारण समाधान जल्दी निकल सका.
क्या है 'बोर्ड ऑफ पीस'?
'बोर्ड ऑफ पीस' ट्रंप द्वारा शुरू की गई एक नई अंतरराष्ट्रीय पहल बताई जा रही है. इसकी पहली औपचारिक बैठक वाशिंगटन डी.सी. में आयोजित हुई, जिसमें कई देशों के नेता शामिल हुए. इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे.
यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम अमेरिका के यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में हुआ और इसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति ट्रंप ने की. सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने वैश्विक संघर्षों को कम करने और पुनर्निर्माण योजनाओं पर भी चर्चा की. उन्होंने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 5 अरब डॉलर से अधिक की सहायता का उल्लेख किया और कहा कि अमेरिका इसमें लगभग 10 अरब डॉलर का योगदान देगा.
राष्ट्रपति ट्रंप के इन बयानों ने भारत-पाक संबंधों और अमेरिका की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है. हालांकि, उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, फिर भी उन्होंने इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश किया है.