ऑल टाइम हाई से कितना नीचे आया सोना-चांदी, क्या अभी और नीचे आएगा रेट? निवेशकों में बढ़ गई हलचल
Published on: 19 Feb 2026 | Author: Shanu Sharma
नई दिल्ली: दुनिया में चल रहे उथल-पुथल के बीच एक बार फिर से गोल्ड-सिल्वर काफी चर्चे में है. ऐसा इसलिए क्योंकि सोना-चांदी जितने तेजी से ऊपर गया था, उतने ही तेजी से नीचे आता नजर आ रहा है. निवेशकों की दिल की घड़कन बढ़ने लगी है. मार्कट में हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक अभी भी नहीं समझ पा रहे हैं कि आगे क्या होने वाला है.
सोना-चांदी के दाम जब अचानक बढ़ने शुरु हुए तो कई निवेशकों ने इसमें यह सोच कर निवेश कर दिया कि अब यह नीचे नहीं आने वाला है. उस दौरान ऐसा नजर भी आ रहा था कि शायद अब गोल्ड सिल्वर आम आदमी के नसीब में नहीं है. हर दिन एक नए रिकॉर्ड बन रहे थे, लेकिन अब खेल बदलना शुरु हो गया है.
ऑल टाइम हाई से कितना नीचे आया सोना-चांदी?
सोना अपने ऑल टाइम हाई से अब तक लगभग 24 हजार रुपये नीचे आ चुका है. वहीं चांदी अपने ऑल टाइम हाई से 1 लाख 60 हजार रुपये गिर गया है. सोना-चांदी के दामों में अचानक यह गिरावट पिछले लगभग 20 दिनों से देखने को मिल रहा है. लेकिन यह सोचने वाली बात है कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि सोना-चांदी अचानक मुंह के बल गिरना शुरु हो गया.
निवेशकों का यह भी डर सताने लगा है कि कहीं सोना के दाम 1 लाख के नीचे ना आ जाए. अगर ऐसा होता है तो कई निवेशकों के लाखो-करोड़ों रुपये डूब जाएंगे. यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन बढ़ रही है. तनाव के माहौल में अक्सर सोना-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन ऐसा क्या हो रहा है कि इसके दाम लगातार नीचे गिरते जा रहे हैं?
सोना-चांदी के दाम गिरने का कारण?
अमेरिका ने मीडिल ईस्ट को घेर लिया है. हालांकि दूसरी ओर जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच असफल बातचीत जारी है. ईरान अपने सहयोगी देश चीन और रूस की मदद से युद्ध की तैयारी कर रहा है. वहीं ट्रंप भी लगातार धमकी दे रहे हैं. लेकिन इतने खतरे के बीच भी सोना-चांदी के दाम गिर रहे हैं. इसके पीछे तीन कारण बताए जा रहे हैं.
मीडिया पहली रूस और अमेरिका के बीच डॉलर वाली डील की खबर, यानी डॉलर मजबूत होने से सोना-चांदी के दाम घटेंगे. दूसरी चीन में नए साल का जश्न, इसका मतलब है कि अभी वहां का स्टॉक मार्केट बंद है, जिससे सोना-चांदी के दाम गिरने लगे हैं. तीसरी ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का कारण दिया जा रहा है. लेकिन अभी इनमें से किसी भी बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, अभी केवल कयास ही लगाए जा रहे हैं.