लीबिया के तानाशाह के बेटे को बदमाशों ने उसके ही घर पर गोलियों से भूना, गद्दी पर थी वापसी की तैयारी
Published on: 04 Feb 2026 | Author: Shanu Sharma
नई दिल्ली: लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के उत्तराधिकारी माने जाने वाले उनके बेट सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी को चार बंदूकधारियों ने मुठभेड़ के दौरान गोली मार दी. यह मला उनके घर पर ही किया गया, इसकी पुष्टि खुद उनके अधिकारियों द्वारा दी गई है.
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी के पॉलिटिकल ऑफिस के हेड ने इस बात की सूचना देते हुए बताया कि मंगलवार को 53 साल के सैफ को मुठभेड़ के दौरान चार लोगों ने मिलकर उनपर हमला किया. उन्होंने बताया कि पूरे घटना से यही लग रहा है कि इस हमले को पहले से प्लान किया गया था.
वापसी की कोशिश कर रहे थे गद्दाफी
गद्दाफी के वकील ने कहा कि पश्चिमी लीबिया के जिटान शहर में उनके घर पर चार लोगों की कमांडो यूनिट ने उनपर हमले किए, जिससे उनकी मौत हो गई. हालांकि, इस बात पर अभी कोई भी जानकारी नहीं दी गई कि हत्या के पीछे किसके हाथ हो सकते हैं. ना ही इस बात का पता चल पाया है कि बंदूकधारियों द्वारा उनके घर पर हमला करने के पीछे का मकसद क्या था?
हालांकि लीबियाई टीवी की मानें तो उनकी मौत को अल्जीरिया से जोड़ा जा रहा है. सैफ अल-इस्लाम की जिंदगी लीबिया के हाल के उथल-पुथल भरे इतिहास जैसी ही थी. एक समय उन्हें अपने पिता का उत्तराधिकारी बनाया गया था और तेल से भरपूर इस उत्तरी अफ्रीकी देश में सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक माना जाता था, लेकिन 2011 के विद्रोह के बाद वे गुमनामी में चले गए. इसी के साथ उनके पिता के चार दशक का शासन खत्म हो गया.
कौन है सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी?
सैफ 2011 में पकड़े गए, जिसके बाद उन्होंने एक दशक तक अपना जीवन कैद में बिताया था. इसके बाद अब वह फिर से अपने देश की राजनीति में वापसी की तैयारी कर रहे थे. लीबिया में होने वाले चुनाव में उन्होंने अपनी दावेदारी पेश की थी, उससे पहले उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया. हालांकि सैफ कई सालों से सत्ता से दूर थे, उनके पास कोई भी आधिकारिक पद भी नहीं था. लेकिन लीबिया की राजनीति में उनके अच्छे प्रभाव माने जाते थे. सैफ खुद को एक सुधारक के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने नए संविधान और मानवाधिकारों के लिए भी वकालत की थी, जिससे अतंरराष्ट्रीय स्तर पर लीबिया की स्थिति सुधर सके.